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Unnoticedlives.

The archive

Stories of lives you might recognize.

Real stories about the thoughts, struggles, dreams and quiet moments that often remain unseen.

All stories · 6
Family
Family · 10 min

वो माँ, जो भूल गई थी कि वो क्या चाहती थी

वो सबकी जरूरतें जानती है। लेकिन कहीं न कहीं, उसने खुद से पूछना ही छोड़ दिया कि उसे क्या चाहिए।

Family
Family · 8 min

वो पिता, जिसने कभी "गर्व है" नहीं कहा

उसने पूरी ज़िंदगी वो एक वाक्य सुनने का इंतज़ार किया — "मुझे तुम पर गर्व है।" पिता ने कभी नहीं कहा, न अच्छे नंबरों पर, न पहली नौकरी पर। फिर एक रात, अस्पताल के बिस्तर पर, कुछ ऐसा हुआ जिसने बरसों की खामोशी का मतलब बदल दिया।

Starting Again
Starting Again · 8 min

वो लड़की, जो शहर बदलती रही घर की तलाश में

हर शहर के साथ उसने सोचा — "इस बार यही घर होगा।" पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए, एक टूटे रिश्ते के बाद — वो शहर बदलती रही, घर तलाशती रही। फिर एक रात, माँ की एक बात ने उसे सिखाया कि घर असल में होता क्या है।

Family
Family · 10 min

वो घर छोड़कर सिर्फ शहर नहीं आया था

वह घर से दूर रहने लगा था। शहर में उसके पास अपना एक कमरा था, अपनी जिंदगी थी, अपने फैसले थे। फिर भी कुछ ऐसी चीज़ें थीं, जिनकी कमी उसे धीरे-धीरे समझ आने लगी।

Family
Family · 10 min

वे चार साल, जो तुम्हें याद नहीं

हममें से ज्यादातर लोगों को अपने जीवन के पहले चार साल याद नहीं होते। लेकिन किसी और को वे याद होते हैं—हमारी पहली मुस्कान, पहला कदम, पहला शब्द, पहली चोट और वे अनगिनत रातें जब किसी ने हमारे लिए अपनी नींद छोड़ दी। हमने वे साल जिए थे, लेकिन उनकी यादें किसी और ने संभालकर रखीं।

Work
Work · 10 min

वो बेरोज़गार बेटा, जो कहता रहता है कि वो ठीक है

वह हर किसी से कहता है कि वह ठीक है। लेकिन नौकरी की तलाश में बीतता हर दिन उसे थोड़ा और तोड़ रहा है।