A human story project
Everyone is living a story
you cannot see.
We explore the thoughts, struggles, dreams and quiet moments hiding behind ordinary faces.
Starting Again
वो लड़की, जो शहर बदलती रही घर की तलाश में
हर शहर के साथ उसने सोचा — "इस बार यही घर होगा।" पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए, एक टूटे रिश्ते के बाद — वो शहर बदलती रही, घर तलाशती रही। फिर एक रात, माँ की एक बात ने उसे सिखाया कि घर असल में होता क्या है।
वो घर छोड़कर सिर्फ शहर नहीं आया था
वह घर से दूर रहने लगा था। शहर में उसके पास अपना एक कमरा था, अपनी जिंदगी थी, अपने फैसले थे। फिर भी कुछ ऐसी चीज़ें थीं, जिनकी कमी उसे धीरे-धीरे समझ आने लगी।
वे चार साल, जो तुम्हें याद नहीं
हममें से ज्यादातर लोगों को अपने जीवन के पहले चार साल याद नहीं होते। लेकिन किसी और को वे याद होते हैं—हमारी पहली मुस्कान, पहला कदम, पहला शब्द, पहली चोट और वे अनगिनत रातें जब किसी ने हमारे लिए अपनी नींद छोड़ दी। हमने वे साल जिए थे, लेकिन उनकी यादें किसी और ने संभालकर रखीं।
वो बेरोज़गार बेटा, जो कहता रहता है कि वो ठीक है
वह हर किसी से कहता है कि वह ठीक है। लेकिन नौकरी की तलाश में बीतता हर दिन उसे थोड़ा और तोड़ रहा है।
वो माँ, जो भूल गई थी कि वो क्या चाहती थी
वो सबकी जरूरतें जानती है। लेकिन कहीं न कहीं, उसने खुद से पूछना ही छोड़ दिया कि उसे क्या चाहिए।
What they don't say
Sometimes the real story is underneath.
Explore by life
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